शब्द अग्नि / हिमालय गोहिया
सीहोर / अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जिला सीहोर के बैनर तले गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विचार एवं काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम साहित्य, संस्कृति एवं गुरु परंपरा को समर्पित रहा, जिसमें जिले के अनेक साहित्यकारों एवं कवियों ने सहभागिता कर गुरु महिमा पर अपने विचार एवं काव्य प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि त्रिलोचन प्रसाद दुबे ने की, जबकि हीरालाल जायसवाल ‘अनाड़ी’ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात कवि गोविंद लोवानिया ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामय संचालन डॉ. विजेंद्र जायसवाल ने किया। अतिथियों का स्वागत परिषद की ओर से कवि आदित्य हरि गुप्ता एवं डॉ. अखिलेश हटीला ने अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानपूर्वक किया।
कार्यक्रम के दौरान परिषद के महामंत्री लक्ष्मण सिंह चौकसे की माताजी एवं परिषद के उपाध्यक्ष हीरालाल जायसवाल की बहन श्रीमती संपत बाई के हाल ही में हुए निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। उनकी पावन स्मृति में उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं अतिथियों ने दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
गोष्ठी में उपस्थित साहित्यकारों ने गुरु के महत्व, भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा तथा सामाजिक मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही विभिन्न कवियों ने गुरु महिमा, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति एवं मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत रचनाओं का काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में धर्मराज देशराज ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। गुरु पूर्णिमा के इस गरिमामय आयोजन ने साहित्य, संस्कार एवं गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा और सम्मान का संदेश दिया। कार्यक्रम में नगर के अनेक साहित्यकार, कवि एवं बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
Author: Shabd Agni
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