महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को सीढ़ियां चढ़ने की मजबूरी, अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल
शब्द अग्नि / यासिर पठान इंदौर । शहर के 100 बिस्तरों वाले शासकीय पीसी सेठी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। अस्पताल की दो लिफ्टों में से एक पिछले कई दिनों से बंद पड़ी है, जिससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना सैकड़ों मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन एकमात्र चालू लिफ्ट पर बढ़ते दबाव के कारण लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
एक लिफ्ट पर पूरे अस्पताल का बोझ

अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभाग ऊपरी मंजिलों पर संचालित होते हैं। ऐसे में मरीजों को लिफ्ट नहीं मिलने पर मजबूरन सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई बार व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के साथ मरीजों को ऊपर ले जाने में परिजनों और अस्पताल कर्मियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
प्रबंधन का दावा, लेकिन मरीजों की परेशानी बरकरार
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बंद लिफ्ट की मरम्मत का कार्य जारी है और जल्द ही उसे चालू कर दिया जाएगा। हालांकि मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि कई दिनों से यही आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इसका सीधा असर इलाज के लिए आने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
व्यवस्था सुधारने की मांग तेज
मरीजों और सामाजिक संगठनों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द बंद लिफ्ट को चालू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का सुचारु रूप से उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
Author: Shabd Agni
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