RAK कृषि महाविद्यालय सीहोर में जल संसाधन का पुनरुद्धार
शब्द अग्नि / हिमालय गोहिया
सीहोर। कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी आर.ए.के. (RAK) कृषि महाविद्यालय, सीहोर से एक बेहद सकारात्मक और दूरगामी परिणाम देने वाली खबर सामने आई है। महाविद्यालय के दूरदर्शी अधिष्ठाता (डीन) महोदय डॉ. आई.एस. तोमर सर के कुशल नेतृत्व और विशेष प्रयासों के चलते कैंपस के भीतर मृतप्राय हो चुके जल संसाधनों को सफलतापूर्वक पुनर्जीवित कर लिया गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सफल होने से अब महाविद्यालय परिसर में सिंचाई की उत्तम और आधुनिक व्यवस्था सुनिश्चित हो गई है, जिससे आने वाले समय में कृषि अनुसंधान (Research) के कार्यों को एक नई दिशा और अभूतपूर्व गति मिलेगी।
सिंचाई संकट का समाधान
विगत कुछ समय से जल स्तर गिरने और संसाधनों की कमी के कारण अनुसंधान कार्यों के लिए सिंचाई प्रबंधन में चुनौतियाँ आ रही थीं। इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए अधिष्ठाता डॉ. आई.एस. तोमर ने जल संसाधनों के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार की। अब पर्याप्त जल उपलब्धता होने से कृषि वैज्ञानिक और छात्र बिना किसी बाधा के सालभर अपने शोध और प्रायोगिक कार्य कर सकेंगे, जिससे उन्नत बीजों और नई तकनीकों के विकास में मदद मिलेगी।
तकनीकी टीम की कुशलता से साकार हुआ सपना
इस पूरे कार्य को धरातल पर उतारने में तकनीकी टीम और स्थानीय विशेषज्ञों का सराहनीय योगदान रहा। इस वृहद कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने की जिम्मेदारी सीहोर की प्रतिष्ठित HAH Construction कंपनी को सौंपी गई थी।
इनकी रहीं मुख्य भूमिका
इस पूरी परियोजना को अमलीजामा पहनाने में वरिष्ठ इंजीनियर महेंद्र कुमार जोशी की मुख्य भूमिका रही। उनके तकनीकी मार्गदर्शन और सूक्ष्म निरीक्षण के कारण ही यह कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा हो सका।
Author: Shabd Agni
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