एक ही हफ्ते में फिर भरीं कचरे की पाँच थैलियाँ
शब्द अग्नि अनुराग बजाज
स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि नागरिकों के चरित्र की पहचान है। इसी संदेश के साथ निस्वार्थ सेवा में जुटी टीम उम्मीद ने रविवार सुबह बेलाताल में अपना 53वाँ स्वच्छता अभियान चलाया। हैरान करने वाली बात यह रही कि मात्र एक सप्ताह के भीतर ही लोगों द्वारा तालाब और घाटों पर फेंकी गई प्लास्टिक, पूजा सामग्री और अन्य कचरे की पाँच बड़ी थैलियाँ एकत्र की गईं। यह घोर लापरवाही तब सामने आई है, जब कुछ ही दिनों पहले टीम उम्मीद ने लगातार 20 दिनों तक ऑपरेशन क्लीन बेलाताल चलाकर इसे पूरी तरह कचरा मुक्त किया था। चंद गैर-जिम्मेदार लोगों की इस हरकत से पूरे शहर की मेहनत पर पानी फिर रहा है।
स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल ने दोटूक शब्दों में कहा कि टीम उम्मीद हर हफ्ते केवल बेलाताल की सफाई में ही व्यस्त नहीं रह सकती। हमारा उद्देश्य दमोह के सभी जल स्रोतों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाना है। नागरिकों की बेरुखी को देखते हुए अब बेलाताल में सफाई अभियान महीने में केवल एक बार चलाया जाएगा, ताकि शहरवासी अपनी इस धरोहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी स्वयं समझें। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से अपील की है कि अब केवल समझाइश से काम नहीं चलेगा, कचरा फैलाने वालों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए सख्त निगरानी रखी जाए और भारी जुर्माना लगाया जाए।
अभियान में शामिल 85 वर्षीय वरिष्ठ योग शिक्षक भरत दुबे, धर्मेंद्र सोनी, नीलेश सेन और चाय व्यवसायी संतोष रैकवार ने भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज जरूरत सफाई करने वालों की नहीं, बल्कि गंदगी फैलाने वालों की सोच बदलने की है। बेलाताल को बार-बार साफ करना टीम उम्मीद की मजबूरी नहीं, बल्कि इसे स्वच्छ रखना हर दमोहवासी की नैतिक जिम्मेदारी है। इस 53वें अभियान में हरीश पटेल, भरत दुबे, धर्मेंद्र सोनी, अर्जुन प्रताप सिंह, नीलेश सेन, संतोष रैकवार और बालक नैतिक सोनी ने श्रमदान कर नागरिकों से स्वच्छ बेलाताल – सुंदर दमोह के संकल्प को पूरा करने का पुरजोर आह्वान किया।
Author: Shabd Agni
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