दैनिक शब्द अग्नि /जिला ब्यूरो बंटी सोनी श्योपुर । उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में नशे से दूरी है जरूरी 2.0 जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य वक्ता और महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ओ.पी. शर्मा ने अपने महत्वपूर्ण उद्बोधन में विद्यार्थियों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने वैज्ञानिक और व्यवहारिक दृष्टिकोण साझा करते हुए बताया कि युवाओं में नशे की लत कैसे पड़ती है और दृढ़ इच्छाशक्ति, योग, प्राणायाम, व्यायाम व सही मार्गदर्शन से इससे कैसे मुक्ति पाई जा सकती है।
इसके बाद महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. विपिन बिहारी शर्मा ने विभिन्न प्रेरक प्रसंगों और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से नशे के सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह एक व्यक्ति की नशे की आदत पूरे हंसते-खेलते परिवार को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर देता है।
कार्यक्रम की अगली वक्ता डॉ. सीमा चौकसे ने अपने संबोधन में कहा कि जब कोई बच्चा नशे की दलदल में फंसता है, तो सिर्फ उसका जीवन ही नष्ट नहीं होता, बल्कि उसके माता-पिता के अरमान और सपने भी टूट जाते हैं। उन्होंने सजग करते हुए कहा कि युवा नशे के र्दुव्यसन से दूर रहें।
इस गरिमामयी कार्यक्रम का कुशल संचालन महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रेमचंद एक्का द्वारा किया गया। संगोष्ठी के सफल समापन पर सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार कार्यक्रम प्रभारी डॉ. भूपेंद्र हरदेनिया ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकगण डॉ. नरेंद्र सिंह जाट, डॉ. राहुल सैनी, रमेश कुशवाह, अरविन्द दोहरे, देवीशंकर राठौर सहित समस्त कॉलेज स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उपस्थित रहकर इस अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता निभाई। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशामुक्ति के लिए जन जागरण की शपथ भी दिलाई गई।
Author: Shabd Agni
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