पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र 24 जुलाई को भेजे गए पत्र में रिहाई की मांग, विधानसभा में लगाए गए आरोपों को बताया गया निराधार
शब्द अग्नि / इंदौर मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उनके निवास के बाहर प्रदर्शन करने वाले पांडेय दंपती की रिहाई के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को पत्र लिखा है। यह पत्र 24 जुलाई को भेजा गया था, हालांकि यह शनिवार को सार्वजनिक हुआ। पत्र में विजयवर्गीय ने विधानसभा में उन पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह असत्य बताते हुए पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया है।
पुलिस कमिश्नर से की रिहाई की मांग
कैलाश विजयवर्गीय ने पुलिस कमिश्नर को भेजे पत्र में पांडेय दंपती की रिहाई का अनुरोध किया है। पत्र के सार्वजनिक होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विजयवर्गीय ने पत्र में पूरे घटनाक्रम का विस्तृत उल्लेख करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
विधानसभा में लगे आरोपों का किया जिक्र
पत्र में मंत्री ने लिखा है कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उन पर दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के संबंध में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस आरोप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।
जांच में आरोप निकले गलत
विजयवर्गीय के अनुसार, उनके आग्रह पर अगले ही दिन विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच कराई और सदन की वीडियो रिकॉर्डिंग का अवलोकन किया। जांच के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में स्पष्ट किया कि विजयवर्गीय ने ऐसा कोई अपमानजनक या आपत्तिजनक शब्द नहीं कहा था। इस प्रकार उन पर लगाए गए आरोप निराधार और असत्य पाए गए।
पत्र सार्वजनिक होने के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
24 जुलाई को भेजा गया यह पत्र शनिवार को सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस प्रशासन इस पत्र पर क्या निर्णय लेता है और पांडेय दंपती के मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
Author: Shabd Agni
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