दैनिक शब्द अग्नि / प्रकाश पटेल खण्डवा / मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने उपस्थित सरपंच, सचिव, सीएमओ तथा वार्ड पार्षदों से कहा कि सभी नागरिकों को सूखा एवं गीला कचरा, प्लास्टिक तथा दवाइयां सभी अलग अलग डस्टबिन में डालने के लिए जागरूक एवं प्रेरित किया जाए। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव तथा नगरों के वार्ड में इसके लिए वर्कशॉप का आयोजन किया जाए। कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में निर्देश दिए कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाया जाए। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा तथा आयुक्त नगर निगम श्रीमती प्रियंका राजावत सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
“वेस्ट टू वेल्थ” की परिकल्पना को साकार करे
बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि अब शहर से कचरा केवल हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि “वेस्ट टू वेल्थ” की परिकल्पना को साकार करते हुए रिसायकल के लिए कचरे का जिम्मेदारी से प्रबंधन करना आवश्यक है। नवीन नियमों के तहत अब प्रत्येक घर में कचरे का अलग-अलग संग्रहण अनिवार्य किया है। उन्होंने कहा कि अब नागरिकों से गीला, सूखा और घरेलू हानिकारक कचरा पृथक डस्टबिन में लेना होगा। इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा तथा सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण होगा।
“ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026”
बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने नगरीय निकायों, ग्राम पंचायत को “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026” का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि “स्वच्छता अब सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक अनिवार्य जिम्मेदारी है।” कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि खुले में कचरा फेंकने, प्लास्टिक जलाने या सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने जैसी गतिविधियों पर सम्बंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना भी वसूला जाए।
Author: Shabd Agni
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