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June 9, 2026 1:31 am

19 लाख से तालाबों का जीर्णोद्धार

आदर्श बनी महू आलमपुर पंचायत

शब्द अग्नि मनोज जैन कलाकार

अशोकनगर। जनपद पंचायत अशोकनगर की ग्राम पंचायत महू आलमपुर ने एक नई मिसाल पेश की है। पंचायत क्षेत्र में हाल ही में हुए बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण और सडक़ कनेक्टिविटी के शानदार निर्माण कार्यों ने महू आलमपुर की तस्वीर बदल दी है। आज यह पंचायत पूरे अशोकनगर जिले की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए एक आदर्श बनकर उभरी है, जहां नित-नित नए विकास कार्यों से ग्रामीणों का जीवन सुगम हो रहा है। ग्रामीणों को कीचड़ और कच्चे रास्तों से मुक्ति दिलाने के लिए पंचायत में सीसी सडक़ निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इस कड़ी में मेन रोड से चिरोंजीलाल के घर तक 15 लाख रुपए की लागत से एक शानदार सीसी सडक़ का निर्माण कराया गया है। इतनी बड़ी राशि से बनी यह मुख्य संपर्क सडक़ अब ग्रामीणों के लिए बारहमासी आवागमन का एक मजबूत जरिया बन चुकी है। इसके साथ ही अमरेश कुशवाह के घर से छोगीलाल के घर तक एक अन्य सीसी सडक़ का निर्माण भी पूरा किया गया है। इन दोनों सडक़ों के बनने से न सिर्फ गांव की आंतरिक कनेक्टिविटी मजबूत हुई है बल्कि बारिश के दिनों में होने वाली जलजमाव और गंदगी की समस्या से भी स्थानीय निवासियों को हमेशा के लिए निजात मिल गई है।

जल संरक्षण की दिशा में कदम, तालाबों का जीर्णोद्धार-

जलसंकट से जूझने वाले क्षेत्रों के लिए महू आलमपुर पंचायत ने जल संरक्षण का बेहतरीन मॉडल पेश किया है। पंचायत क्षेत्र के दो प्रमुख जल स्रोतों का कायाकल्प किया गया है जिसमें बिलैया खो तालाब जीर्णोद्धार इस महत्वपूर्ण जलाशय को पुनर्जीवित करने के लिए 9.50 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। तालाब की गहरीकरण और पिचिंग कार्य से अब इसमें भारी मात्रा में जल संचय हो सकेगा। वहीं दूसरी ओर सिद्ध बाबा आश्रम तालाब जीर्णोद्धार का कार्य धार्मिक और सामाजिक आस्था के केंद्र सिद्ध बाबा आश्रम के पास स्थित तालाब का 9.70 लाख की लागत से जीर्णोद्धार कराया गया है। इन दोनों तालाबों के जीर्णोद्धार पर लगभग 19 लाख रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इससे न केवल गांव का वाटर लेवल ऊपर आएगा बल्कि मवेशियों के लिए पानी और आसपास के खेतों के लिए सिंचाई व्यवस्था भी मजबूत होगी।

हरिजन बस्ती में पेयजल संकट का स्थायी समाधान-

विकास की दौड़ में पीछे छूटे तबके को प्राथमिकता देते हुए पंचायत ने सामाजिक समरसता और समावेशन का बड़ा उदाहरण पेश किया है। गांव की 50 घरों की हरिजन बस्ती जो लंबे समय से पानी की किल्लत से जूझ रही थी, सरपंच ने अपने घर में बने कुएं से पानी की सुचारू व्यवस्था की है। अब बस्ती के हर घर तक पीने का साफ पानी आसानी से पहुंच रहा है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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