भोपाल के नीलम पार्क में यूसीसी के विरोध में प्रदेश भर से जुट एमआईएम कार्यकर्ता
शब्द अग्नि / यासिर पठान भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने रैली निकालते हुए यूसीसी के विरोध में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मंच से भाजपा सरकार और कांग्रेस दोनों पर तीखे राजनीतिक हमले किए गए।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना

सभा को संबोधित करते हुए एमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी को राजनीतिक एजेंडा बना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन सरकार इन विषयों पर जवाब देने के बजाय यूसीसी जैसे विवादित मुद्दों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी बड़े कानून को सभी वर्गों से संवाद और सहमति के आधार पर लागू किया जाना चाहिए। सरकार को समाज में विश्वास पैदा करना चाहिए, न कि टकराव की स्थिति।
कांग्रेस की चुप्पी पर भी उठाए सवाल
एमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्षों तक अल्पसंख्यकों के वोट लेने वाली पार्टी आज यूसीसी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर खुलकर बोलने से बच रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय अल्पसंख्यकों की चिंता दिखाई देती है, लेकिन जब उनके अधिकारों और संवेदनशील विषयों पर आवाज उठाने की जरूरत होती है तो कांग्रेस मौन हो जाती है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कांग्रेस की यह चुप्पी किसके हित में है और जनता को इसका जवाब मिलना चाहिए।
खलील मुल्तानी की एमआईएम में घर वापसी

इसी बीच यूसीसी के विरोध कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के पूर्व इंदौर संभाग अध्यक्ष खलील मुल्तानी ने एक बार फिर एमआईएम में वापसी की। प्रदेश नेतृत्व ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनके दोबारा जुड़ने से इंदौर संभाग सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र में संगठन को मजबूती मिलेगी। वहीं खलील मुल्तानी ने पार्टी में वापसी के बाद कहा कि वे संगठन की विचारधारा और नीतियों से प्रभावित होकर दोबारा एमआईएम से जुड़े हैं। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करने और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कई जिलों में पुलिस की कार्रवाई का दावा

एमआईएम नेताओं ने दावा किया कि प्रदेशभर से कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे। पार्टी का आरोप है कि कई जिलों में पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोककर थानों में बैठाया, ताकि वे राजधानी नहीं पहुंच सकें। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा डीजीपी से करूंगा बात पार्टी कार्यकर्ताओं को छोड़े पुलिस
राज्यपाल के नाम दिया के नाम ज्ञापन

सभा समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं ने नीलम पार्क से विरोध मार्च निकालन चाहा जिसे पुलिस ने रोक दिया। एमआईएम के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर यूसीसी लागू करने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि देश की विविधता और संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों से व्यापक चर्चा के बाद ही ऐसा कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।
यूसीसी पर बढ़ी राजनीतिक तल्खी
यूसीसी को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। भाजपा इसे समान अधिकारों और समान कानून की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि एमआईएम इसे राजनीतिक और संवैधानिक बहस का विषय बताते हुए विरोध कर रही है। वहीं कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
यूसीसी की बिसात पर राजनीति अपने पूरे शबाब पर है।
भाजपा कह रही है—”सबके लिए एक कानून, यही नया भारत। एमआईएम का जवाब है—”कानून कम, सियासत ज्यादा।” और कांग्रेस… वह अब भी शायद यह तय करने में व्यस्त है कि बोले, कितना बोले या फिर चुनाव तक खामोश ही रहे। फिलहाल जनता की नजर इस बात पर है कि यूसीसी की सियासत के बीच महंगाई, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों की आवाज आखिर कब बुलंद होगी।
Author: Shabd Agni
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